क्या एक मसीही व्यक्ति मदिरायुक्त दाखमधु पी सकता है? एक बाइबिलीय दृष्टिकोण
क्या एक मसीही व्यक्ति मदिरायुक्त दाखमधु पी सकता है ? एक बाइबिलीय दृष्टिकोण दाखमधु , मसीही स्वतंत्रता , पवित्रता और आत्मिक उत्तरदायित्व का व्याख्यात्मक एवं धर्मवैज्ञानिक अध्ययन सारांश ( Abstract) क्या मसीही विश्वासियों को मदिरायुक्त दाखमधु का सेवन करना चाहिए ? यह प्रश्न कलीसिया के इतिहास में लंबे समय से धर्मवैज्ञानिक चर्चाओं और मतभेदों का विषय रहा है । कुछ लोग मानते हैं कि बाइबल मदिरा पीने को नहीं , बल्कि नशे में धुत होने को निषिद्ध करती है ; इसलिए सीमित मात्रा में मदिरा का सेवन स्वीकार्य है । इसके विपरीत , कुछ अन्य लोग तर्क देते हैं कि बाइबल की पवित्रता , आत्मसंयम और मसीही उत्तरदायित्व संबंधी शिक्षाओं के अनुरूप पूर्ण मद्यत्याग ही सबसे उचित आचरण है । इस मतभेद का एक प्रमुख कारण बाइबिलीय शब्दावली की अलग - अलग व्याख्याएँ हैं , विशेषकर इब्रानी शब्द यायिन ( Yayin) और तीरोश ( Tirosh) तथा यूनानी शब्द ओइनोस ( Oinos) का अर्थ । इसके अतिरिक्त , यूहन्ना 2:1–11, मत्ती 2...